पेट दर्द से कैसे बचें ? इसके उपाय क्या है ? How to avoid stomach ache? What is the solution?

पेट दर्द से कैसे बचें ? इसके उपाय क्या है ? How to 

avoid stomach ache? What is the solution?





मौसम में बदलाव की सुगबुहाट शुरु हो गई है। मौसम बदलने से सर्दी-खांसी के अलावा सबसे ज्यादा दिक्कत पाचन तंत्र्ा की होती है, जिससे पेट संबंधी कई तरह की समस्याएं होने लगती है। पाचन तंत्र्ा में कई तरह के अच्छे बैक्टीरिया काम करते है। जब तक यह संतुलन बना रहता है, तब तक पाचन तंत्र्ा भी अच्छे से काम करता है। लेकिन इसमें असंतुलन होते ही पेट खराब हो जाता है। मौसम में परिर्वतन होने पर इन बैक्टिरिया का भी सतंुलन बिगड जाता है। मौसम के अलावा भी बैक्टिरिया के संतुलन को बिगाडने में कई कारक जिम्मेंदार हैः


https://www.happiness-guruji.com/2020/02/how-to-avoid-stomach-ache-what-is.html


 डब्बा बंद खाद्य सामग्री- डब्बा बंद यानी प्रसंस्करित भोजन को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह के प्रीजवेंटिव्स और एडिटिव्स इस्तेमाल किए जाते है जो पाचन तंत्र्ा के बैक्टिरिया को विचलित कर देता है। जिससे पेट खराब हो जाता है।

अधिक दूध- इससे भी पेट में उपस्थित बैक्टिरिया का संतुलन बिगड जाता है। इसका कारण दूध के कारण षरीर में अम्ल उत्पन्न करता है। जिससे एक समय में दूध से पेट में अधिक एसिड जमा हो जाती है, जिससे पाचन में रुकावट होती है।

दवाईयों का अधिक सेवन- जरुरत से अधिक व डाॅक्टर की सलाह के बिना ली गई दवाई से भी षरीर का गुड बैक्टिरिया प्रभावित होता है।


पेट दर्द से बचनें के उपाय 


अगर आप पेट दर्द की समस्या से बचना चाहते हैं तो अपनें रोज की डाइट में षामिल करें

दहीं व मठा- इनमें एसे कई तरह के अच्छे बैक्टिरिया होते है जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को दुरस्त करते हैं। इनमें लैक्टिक एसिड होता है जो हमारे पाचन तत्र्ां को मजबूत करता है। 


केला-  ऐसे पदार्थ होते है जो पेट मौजूद अच्छे बैक्टिरिया के लिए मददगार होता है। केला पोटेषियम मैग्निषियम का अच्छा स्त्र्ाोत होता है। पपीता और पाइनापल में भी एक्टिनीडिन एंजाइम भरपूर होता है।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  लहसुन- किचन में आसानी से उपलब्ध लहसुन भी एक अच्छा स्त्रोत है। इसमें एसे फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते है जो गुड बैक्टिरिया के लिए पोशण का कार्य करते है जिससे हमारा पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।


त्रिफला- इसमें एसे एंटीआॅस्डिेंट आसानी से मिल जाते है जो हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रखने में मददगार होता है। यह षरीर में उपस्थित विषैले पदार्थ को हटा देता है, और इस तरह हमारे षरीर को हानिकारक बैक्टिरिया से दूर रखता है।


तुलसी- यह विटामिन सी और विटामिन ई का अच्छा स्त्रोत होती है जो पाचन तंत्र में कैल्षियम, आयरन और मैग्नीषियम की पर्याप्त आपूर्ति करती है। यह पेट में गैस और पेट में मरोड आदि समस्याएं भी दूर करती है।

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