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जानिए! क्या है आपके मौलिक कर्तव्य? Learn! What is your fundamental duty?

जानिए! क्या है आपके मौलिक कर्तव्य? Learn! What is your fundamental duty?


this post is about your fundamental duties





👀  भारत के संविधान में नागरिकों के मौलिक अधिकारों के साथ-साथ कुछ मौलिक कर्तव्यों के बारे में भी बताया गया है.  

👍 दरअसल, 3 जनवरी 1977 को संशोधन के माध्यम से, धारा 51-ए, नागरिकों के मूल कर्तव्यों के स्पष्टीकरण का हिस्सा भारतीय संविधान में शामिल किया गया था. इसलिए, 3 जनवरी को 'नागरिकों के मूल कर्तव्य के दिन' के रूप में भी मनाया जाता है. इसके अनुसार,

📓 भारत के प्रत्येक नागरिक का  कर्तव्य  होगा कि वह - 


  1.  वह संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र गान का आदर करें.
  2.  स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करनेवाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखें और उनका पालन करें.
  3.  भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखें.
  4. देश की रक्षा करें.
  5. भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें.
  6. हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझे और उसका निर्माण करें.
  7. प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और उसका संवर्धन करें.
  8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण और ज्ञानार्जन की भावना का विकास करें.
  9. सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखें.
  10. व्यक्तिगत एवं सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत प्रयास करें.
  11. माता-पिता या संरक्षक द्वारा 6 से 14 वर्ष के बच्चों हेतु प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना (86वां संशोधन).

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