Header advertisement

चलते-फिरते ना खाए खाना! होगा नुकसान Do not eat without food! Will be loss

चलते-फिरते ना खाए खाना! होगा नुकसान Do not eat without food! Will be loss


this post you can learn walk with eat sidefacts




हम अक्सर देखते हैं कि लोग अपने काम में इतना व्यस्त हो जाते हैं कि ठीक से खाने का वक्त तक नहीं निकाल पाते. ऐसा भी होता है कि हम या तो अपने ऑफिस की डेस्क पर, चलते हुए और दूसरे हाथ में फोन पर बात करते हुए भी खाना खा लेते हैं.

👨 क्यों दी जाती है बैठकर खाने की सलाह?

👳 विश्व में लगभग सभी स्थानों पर और सभी संस्कृतियों में चलते-फिरते खाना बुरा माना गया है.

💁 चलने-फिरने पर जो खून का प्रवाह है, वह प्राकृतिक रूप से स्वतः ही हमारे हाथों-पैरों की ओर मुड़ (डाइवर्ट) हो जाता है और भोजन के लिए, जो पर्याप्त मात्रा में खून हमारे पाचन तंत्र को चाहिए, वहां पर नहीं पहुंच पाता.

☉ पाचन तंत्र में रक्त सही मात्रा में न पहुंचने पर पाचन क्रिया में दुष्प्रभाव पड़ने की संभावना बहुत अधिक हो जाती है.

☉ दूसरी ओर भोजन बैठ के खाने पर अमाशय की क्षमता बिल्कुल ठीक रहती है और उसका रक्त प्रवाह भी सही रहता है.

☉ बैठ जाने पर सभी मांसपेशियां सही टोन में आ जाती हैं और कुछ एक्यूप्रेशर बिंदु ऐसे हैं, जिनके ऊपर दबाव पड़ने से पूरे पाचन तंत्र का रक्त प्रवाह बिल्कुल ठीक हो जाता है.

😇 करें माइंडफुल ईटिंग!
↪ सभी वैज्ञानिक यह मानते हैं कि भोजन करते समय आपका ध्यान केवल भोजन में ही होना चाहिए. इसे ही माइंडफुल ईटिंग कहते हैं और यह केवल बैठकर ही संभव है. क्वांटम मेडिसिन के अनुसार विकसित देशों में बढ़ते हुए मोटापे का एक कारण माइंडफुल ईटिंग का न होना ही है.

No comments:

Powered by Blogger.