Header advertisement

डिग्री के बिना भी कर सकते है गूगल, एप्पल कम्पनी में जॉब do the job in apple and google a company without degree


डिग्री के बिना भी कर सकते है गूगल, एप्पल कम्पनी में जॉब do the job in apple and google company without a degree


in this post you can learn new job ideas


जॉ और रिक्रूटिंग वेबसाइट ग्लासडोर ने कुछ ही समय पहले एक लिस्ट जारी की। इस लिस्ट में ऐसे 15 टॉप एम्प्लॉयर्स का नाम शामिल किया गया है जिनमें आप बिना डिग्री के भी जॉब हासिल करने में कामयाब हो सकते हैं। इनमें गूगल, एप्पल, आईबीएम, अर्नस्ट एंड यंग (ईवाय) जैसी कम्पनियां शामिल हैं। इस बदलाव का संकेत देते हुए कुछ समय पहले गूगल के पीपल ऑपरेशंस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट लेस्ज्लो बॉक ने कहा था कि गूगल में काम करने के लिए कॉलेज डिग्रीज होना सबसे पहली प्राथमिकता नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि इन जॉब्स के लिए सबसे अधिक आवश्यकता है, तो वह है स्किल्स की। आज वास्तव में यह देखने में आता है कि कॉलेज डिग्रीज धीरे-धीरे अप्रासंगिक या इररेलेवेंट होती जा रही हैं और व्यापक स्तर पर देखा जा सकता है कि एक इंजीनियरिंग पासआउट एस्पीरेंट किसी बैंकिंग, बिजनेस डेवलपमेंट या मार्केटिंग सेक्टर में काम कर रहा है। इन चार बड़ी कंपनियों में से एक अकाउंटिंग फर्म अर्नस्ट एंड यंग की ओर से भी यह कहा गया कि किसी कैंडिडेट की एकेडमिक क्वालिफिकेशंस की कमी उसके लिए किसी बड़ी कंपनी के द्वार खोलने में बाधा नहीं बनेगी। जानिए इस बदलाव के पीछे क्या प्रमुख वजह है-


जॉब मार्केट में बदल रहे हैं ट्रेंड्स

 वर्ष 2008 में आई वैश्विक आर्थिक मंदी के दौर में जॉब मार्केट में कर्मचारियों की जबरदस्त छंटनी की गई थी, साथ ही एम्प्लॉयर्स के कर्मचारी भर्तियों में योग्यता का स्तर ऊंचा कर देने के कारण बहुत-से ग्रेजुएट्स को रोजगार नहीं मिल सका था। इकोनॉमिक रिकवरी होने के साथ ही जॉब मार्केट ने गति पकड़ी और आज एम्प्लॉयर्स इस आवश्यकता को महसूस करने लगे हैं कि बढ़ते कॉम्पिटीशन के बीच कैंडिडेट्स का स्किल्ड होना या उनमें काम के प्रति पोटेंशियल होना जरूरी है। 

डिग्री पर निर्भर नहीं है सफलता 

400 से भी अधिक कंपनियों वाले वर्जिन ग्रुप के फाउंडर रिचर्ड ब्रैनसन को डिस्लेक्सिया के चलते 16 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़नी पड़ी। बाद में उन्होंने अपनी कंपनी बनाई। इसी तरह लग्जरी कार निर्माता कंपनी रॉल्स रॉयस के फाउंडर्स में से एक फ्रेडरिक रॉयस ने पिता की मृत्यु के बाद पढ़ाई छोड़कर अप्रेंटिसशिप करके खुद को काबिल बनाया और यह बिजनेस शुरू किया। देश-विदेश में कई उदाहरण हैं जो साफ करते हैं कि सफलता डिग्री पर नहीं बल्कि टैलेंट और स्किल्स पर निर्भर करती है। 

स्किल्स अपडेट करना अब आसान
 ऑनलाइन लर्निंग के इस दौर में आपको इंफॉर्मेशंस एक क्लिक पर मिल जाती है। ऐसे में अगर आपकी रुचि एकेडमिक्स में नहीं है तो अापको सीखना पूरी तरह से छोड़ने की जरूरत नहीं है। अधिकतर इंडस्ट्रीज, ऑनलाइन कोर्सेज उपलब्ध करवा रही हैं। ऑनलाइन एजुकेशन के कारण टेक सेक्टर के साथ ही अन्य दूसरे सेक्टर्स में भी अब जॉब्स उपलब्ध होने लगे हैं। आईटी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा एनालिटिक्स, ब्लॉकचेन डेवलपमेंट, मशीन लर्निंग जैसी जॉब अॉपर्च्युनिटीज सामने आ रही हैं। 

प्रैक्टिकल लर्निंग को ज्यादा महत्व 

आप एक कॉलेज से ग्रेजुएट हैं या आपने जीवन के अनुभवाें से शिक्षा हासिल की है, इससे फर्क नहीं पड़ता। एम्प्लॉयर्स उन स्मार्ट नॉलेज वाले एस्पीरेंट्स को तलाश रहे हैं जो इंटरव्यू के दौरान यह साबित कर दें कि जो काम उन्हें दिया जाएगा वे उसे पूरा करने के काबिल हैं। जॉब मार्केट में ब्राइट स्टूडेंट उन्हें समझा जाता है जो अपने यूनिवर्सिटी एक्सपीरिएंस का इस्तेमाल खुद को चुनौतियों से निपटने के लिए योग्य बनाने के लिए करते हैं। उन्हें नहीं जो डिग्री को बेस्ट जॉब हासिल करने का पासपोर्ट समझते हों।

No comments:

Powered by Blogger.