इस एक मूल मंत्र से अपनी जिंदगी को खुशहाल बनाएं | Make a happy life with this original mantra

Simple way to be happy life - छोटी-छोटी घटनाओं पर खुश होने की आदत जीवन में उतारें

हर एक के भीतर कोई ना कोई आदत जरूर होती है | बुरे लोग तो उनका शिकार होते ही हैं बल्कि अच्छे लोगों भी आदतों से मारे जाते हैं | तो अब सवाल यह होता है की आदत होती क्या है ?मनोवैज्ञानिकों की माने तो कुछ ऐसे काम जो अपनी अति पर पहुंच जाए और नुकसान दे ( कुछ मामलों में नहीं भी ) | लेकिन जानबूझकर लोग जो बार-बार करते हैं वह आदत बन जाती है |
How to be happy all time, happiness secret, secret of happiness, happy tips, tips for happiness in hindi, how to happy
Make a happy life

लेकिन वास्तव में अगर आपको कोई चीज बार-बार करनी पड़ती है चाहे वह अनजाने में ही क्यों ना हो | तब भी वह आदत का रुप ले लेती है | तो इस तरह हम देखते हैं कि आदत हमें दो तरह से लग सकती है | पहला हमने देखा कि जो हम जानबूझकर करते हैं, 
चाहे वह गलत हो या सही | और दूसरा हम कुछ काम अनजाने में करते हैं | तो आपको पता चल गया होगा कि आदत आपको किस तरीके से प्रभावित कर सकती है | इसलिए कहते हैं कि बच्चों में अच्छी आदतें डालो मतलब है बार-बार कुछ ऐसे काम करें जो अच्छे हो, उनके आचरण के लिए शुभ हो | फिर यह सब आदत बन जाती है |

आप सभी जानते हैं कि अगर जो भी काम हम शुरू में ही अच्छे से चालू कर दें तो वह हमारे व्यवहार में आ जाती है और जब व्यवहार में आ जाती है | तो फिर हम उस काम को करने में कभी जी नहीं चुराते अर्थात उसे टालते नहीं है | और जब कोई अच्छी आदत और काम करने की लगन हमारे अंदर बचपन से ही डाल दी जाती है, तो स्वाभाविक सी बात है कि यहां गुण हमारे अंदर हमारी आयु वृद्धि के साथ-साथ यह भी विस्तृत होता जाता है और हमें बहुत ही अच्छी पर्सनालिटी प्रदान करता है | इस तरह से जब हमें कोई भी जिम्मेदारी दी जाती है हम उसे बखूबी निभाते हैं |

 इसीलिए आप अपने बच्चों या अपने से छोटों को हमेशा अच्छी आदतें सिखाएं लेकिन वह कहते हैं ना कि जिस चीज से हमें लाभ होता है तो उसका नुकसान भी होता है, और जिस चीज से नुकसान होता है उसके लाभ भी अवश्य होता है | और देखा जाए तो लाभ और नुकसान दोनों का ही प्रतिशत आधा-आधा मतलब 50 परसेंट होता है | इसलिए इन आदतों पर हमारा पूरा पूरा नियंत्रण होना चाहिए | हम जब चाहे उस आदत को छोड़ सके और जब इच्छा हो तो जरूरत पड़ने पर स्वीकार कर लें |

तब आदत अच्छी हो या बुरी आपके हमेशा काम आएगी और यह आदत को समय अनुसार छोड़ना और स्वीकार करना अपने आप में ही एक गुण है | वरना आदत के चक्कर में एक दिन या तो आप बहुत अधिक परिश्रम करके अपना नुकसान करेंगे या आलसी बन कर खुद को ही पीड़ा पहुंचाएंगे | जैसे लोगों की एक आदत पड़ जाती है कि वह बात बात पर ही दुखी होते रहते हैं | और जब यह आदत स्थाई होने लगती है तो फिर वह हर चीज में दुख ही ढूंढने लगते हैं | फिर अच्छे पल होने के बावजूद भी उन्हें अच्छा महसूस नहीं होता वह दुख और अकेलापन महसूस करते हैं |

 तो क्यों ना बात-बात पर खुश होने की आदत बना ली जाए ? दिन भर में कोई छोटी सी घटना भी क्यों ना घटे चाहे वह अच्छी हो या बुरी उसमें अपने आप को संभाले और खुश रहें | आदतों से बच तो नहीं सकेंगे क्योंकि आदते मनुष्य का मूल स्वभाव बन जाती है | इसलिए खुश रहने वाली आदतों को जीवन में उतारें और उन आदतों से मुक्त हो जाए जो दुख पहुंचाती हो | फिर देखिए आपको खुश रहने से कोई नहीं रोक सकता और यहां खुशी के मूल मंत्रों में से एक मुख्य है |

आप निश्चित तौर पर अपनी आदतों के दम पर अपने जीवन को खुशहाल कर सकते हैं | इसलिए मैंने पहले भी कहा कि अगर आप शादीशुदा है तो अपने बच्चों में अच्छी अच्छी आदतें डालें और यदि आप अभी युवा है तब भी अच्छी बात है | आप अभी से ही इन आदतों पर काम चालू कर दें और अपने साथ-साथ अपने परिवार वालों और सभी को खुश रखें |

Final words - If you like this article "इस एक मूल मंत्र से अपनी जिंदगी को खुशहाल बनाएं | Make a happy life with this original mantra" so share this with your family and friends.

No comments:

Powered by Blogger.