पद्मासन कैसे करें? इसके फायदे? | Padmasana yoga benefits and how to do Padmasana or lotus pose

Hello guys हमारा आज का आर्टिकल "पद्मासन कैसे करें? इसके फायदे? | Padmaasan yoga benefits and How to do Padmasana or lotus pose है" | इस आर्टिकल में हम आपको बताने वाले हैं कि Padmasana yoga को कैसे करते हैं और इसके फायदे और नुकसान क्या क्या है |
Padmasana or lotus pose


पद्मासन क्या है? - What is Padmasana (lotus pose) or yoga in Hindi?

Padmasana yoga में पैरों का आधार अर्थात कमल जैसा बनने से इसको Padmasana या कमलासन भी कहा जाता है |

पद्मासन योग कैसे करें? How to do Padmasan (lotus pose) or yoga in Hindi?

Padmaasana (lotus pose) karne ki vidhi step by step -
  • सर्वप्रथम किसी समतल स्थान पर चटाई आदि बिछा लें | अब उस पर बैठ जाएं and रेचक करते  (रेचक का अर्थ है सांस छोड़ना) हुए दाहिने पैर को मोड़कर left पैर में रखें | अब left पैर को मोड़कर दाहिने पैर पर रखें या आप left पैर को right पैर के ऊपर भी रख सकते हैं |
  • पैर के तलवे ऊपर की ओर और एड़ी नाभि के नीचे रहे |
  • घुटने जमीन से लगे रहे |
  • गर्दन छाती मेरुदंड आदि पूरा भाग सीधा और तना हुआ रखें |
  • दोनों हाथ, दोनों घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रहे (ज्ञान मुद्रा अर्थात अंगूठे को तर्जनी अंगुली के नाखून से लगाकर 3 उंगलियां सीधी रखने से ज्ञान मुद्रा बनती है) या तो आप दोनों हाथों को गोद में भी रख सकते हैं | लेकिन ध्यान रहे हथेलियां ऊपर की और रहेंगी दोनों हाथ की अंगुलियां परस्पर लगी रहेंगी या दोनों हाथों को मुट्ठी बांधकर घुटनों पर भी रख सकते हैं |
  • रेचक (अर्थ है सांस छोड़ना) पूरा होने के बाद कुंभक करें (कुंभक का अर्थ है सांस भीतर या बाहर छोड़ देना) |
  • प्रारंभ में दोनों पैर जांघों के ऊपर नहीं रख सकते तो एक ही पैर पर रखें | पैर में झनझनाहट हो या और कोई परेशानी हो तो निराश ना हो कर अभ्यास चालू रखें |
  • अशक्त या किसी भी प्रकार के रोगी को जबरदस्ती Padmaasan yoga (lotus pose) नहीं करना चाहिए |
  • Padmaasan yoga सशक्त और निरोगी के लिए है |
  • हर तीसरे दिन समय की अवधि 1 मिनट बढ़ाकर 1 घंटे तक पहुंचाना चाहिए |
  • Padmaasan yoga करते समय आपकी दृष्टि किसी भी एक जगह केंद्रित होनी चाहिए अर्थात ध्यान एक जगह पर ही लगाएं इसके बिना आपको लाभ नहीं होगा |
  • Padmaasan yoga (lotus pose) में आंखें बंद, खुली या अर्ध खुली भी रख सकते हैं
  • Padmaasan yoga में शरीर सीधा और तना हुआ रखें |
  • Padmaasan yoga करते समय भावना करें कि मूलाधार चक्र (मूलाधार चक्र का अर्थ गुदा के पास  मेरुदंड के आखरी मन के पास होता है) में छुपी हुई शक्ति का भंडार खुल रहा है | और उसमें स्थित चेतना तेज और ओज के रूप में बदलकर ऊपर की ओर आ रही है |
  • इसके अलावा आप ह्रदय में अपने ध्यान को एकाग्र चित्त करके भावना करें कि हृदय रूपी कमल में से सुगंध की धाराएं प्रवाहित हो रही है | समग्र शरीर इन धाराओं से सुगंधित हो रहा है |

पद्मासन के लाभ - Padmasan yoga (lotus pose) benefits in Hindi

अब हम आपको Padmaasan yoga or lotus pose से होने वाले लाभ (Padmasan yoga benefits) के बारे में जानकारी देने वाले हैं | आप यकीन नहीं करेंगे कि इस साधारण से दिखने वाले योग अर्थात आसन में कितने सारे लाभ छुपे हुए हैं जो आपके जीवन को बदल कर रख सकते हैं |
  • Padmaasan yoga करने से नाड़ी तंत्र शुद्ध होकर समस्त काया बदल जाती है अर्थात आसन सिद्ध होता है |
  • विशुद्ध नाड़ी तंत्र वाले योगी के विशुद्ध शरीर में रोग की छाया तक नहीं रह सकती और वहां स्वेच्छा से शरीर का त्याग कर सकता है |
  • Padmaasan yoga में बैठने से शरीर की ऐसी स्थिति बनती है जिससे श्वसन तंत्र, ज्ञान तंत्र और रक्त परिसंचरण तंत्र व्यवस्थित ढंग से कार्य करता है |
  • Padmaasan yoga से जीवनी शक्ति का विकास होता है |
  • Padmaasan yoga का अभ्यास करने वाले लोगों के जीवन में एक विशेष आभा प्रकट होती है | आसन के प्रभाव से महापुरुष तक बना जा सकता है |
  • Padmaasan yoga or lotus pose के अभ्यास से उत्साह में वृद्धि होती है |
  • Padmaasan yoga के अभ्यास से स्वभाव में प्रसन्नता बढ़ती है |
  • मुख तेजस्वी बनता है |
  • बुद्धि का अलौकिक विकास होता है |
  • मन में आनंद उल्लास भरा रहता है |
  • Padmaasan yoga करने से चिंता, दुख और शारीरिक विकार दब जाते हैं |
  • Padmaasan yoga से बुरे विचार पलायन हो कर अच्छे विचार प्रकट होने लगते हैं |
  • Padmaasan or lotus pose करने से रक्त शुद्ध हो जाता है |
  • जो व्यक्ति इस आसन को करता है उसमें कार्य शक्ति बढ़ जाती है जिसके फलस्वरूप भौतिक और आध्यात्मिक विकास बहुत जल्दी होता है |
  • जो लोग बौद्धिक अर्थात मानसिक कार्यों में लगे रहते हैं | जैसे कि विद्यार्थी या कोई ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी उन सभी के लिए Padmaasan yoga बहुत ही लाभदायक होता है | आप लोग इसे जरूर आजमा कर देखें |
  • Padmaasan करने से चंचल मन स्थिर होता है |
  • वीर्य रक्षा के लिए यह Padmaasan अद्वितीय है |
  • श्रम और कष्ट रहित 1 घंटे तक पद्मासन पर बैठने वाले व्यक्ति का मनोबल खूब बढ़ता है |
  • भांग, गांजा, चरस, अफीम, मदिरा, तंबाकू आदि बुरी चीजों में फंसे हुए व्यक्ति यदि इन सभी से मुक्त होने की भावना पर दृढ़ निश्चय के साथ Padmaasan yoga का अभ्यास करते हैं | तो उनकी बुरी आदत सदा के लिए सरलता से छूट जाती है |
  • काम-वासना से प्रभावित युवक-युवतियों को यह आसन अवश्य करना चाहिए | इससे उन्हें अद्भुत लाभ होगा |
  • आपके मन में जितने भी बीमारियां हैं | चाहे वह जितनी छोटी क्यों ना हो या कितनी बड़ी जैसा कैंसर क्यों ना हो | इस अभ्यास के नित्य पालन से सभी कुछ नष्ट हो जाता है |
  • अनिद्रा के लिए यह रामबाण इलाज है |
  • शारीरिक मोटापा कम होता है |
  • शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए Padmaasan yoga सर्वोत्तम है |
  • Padmaasan or lotus pose में बैठकर अश्विनी मुद्रा करने अर्थात गुदाद्वार का बार-बार संकोच प्रसार करने से अपान वायु सुषुम्ना में प्रविष्ट होती है | जिससे कामवासना के विकारों पर विजय प्राप्त होने लगती है |
  • Padmaasan में बैठकर वज्रोली करने से वीर्य ऊपर की ओर प्रसारित होता है |
  • Padmaasan or lotus pose से स्मरण शक्ति और आत्मबल में वृद्धि होती है |
Final words - So you can try this padmasana and take benefits by this health article "Padmasana yoga benefits and how to do Padmasana or lotus pose" thank you...

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